तो मूवी आई है थिएटर में सिद्धार्थ मल्होत्रा की योद्धा मैं गया था सुबह 9:30 का शो और क्योंकि आज बहुत सारी मूवीज रिलीज हुई है तो ऑडियंस बहुत कम आई थी.
तो मूवी देख ली है आइए बात करते हैं योद्धा एक एक्शन थ्रिलर मूवी है जिसमें थोड़ा सा देशभक्ति वाला मसाला भी ऐडेड है जहां एक स्पेशल टास्क फोर्स दिखाई जाती है योद्धा नाम से.
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जिसमें है एक सोल्जर अरुण जो अपने एक मिशन में फेल हो जाता है, मिस्टीरियसली दूसरे टाइम ऐसे प्लेन में पाया जाता है जो हाईजैक हो रहा है, व क्यों वहां था क्या प्लेन उसने खुद ही हाईजैक किया है, वह गद्दार है, या वफादार.
इसके आंसर जानने के लिए आपको यह फिल्म देखनी पड़ेगी फिल्म 2 घंटे 13 मिनट की है तो इसको ज्यादा लंबा नहीं बोल सकते लेकिन मैं यह जरूर कहना चाहूंगा कि ऐसे एक्टिंग एंड एक्शन अगर इंडियन पुलिस फोर्स में होता तो वो सज भी हिट रहती पर उस गलती को माफ करता हूं क्योंकि यहां वो गलती दोबारा नहीं की गई है फिल्म की स्टोरी लाइन फास्ट पेसड है एंड शुरुआत से यू विल गेट पर्सनल कनेक्ट विद द फिल्म .
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क्योंकि शुरुआत में ही आपको एक वन टेक एक्शन शॉट देखने को मिलता है जो ट्रेलर में भी था लेकिन अगर ध्यान से देखोगे तो पूरा वो वन टेक एक्शन नहीं है बट हैट्स ऑफ टू द एडिटर कि वो स्क्रीन पर वन शॉट ही लगता है एंड वो सच में अच्छा था एंड उससे अच्छी खासी एंगेजमेंट बनी रहती है लेकिन लेकिन लेकिन ये देशभक्त भक्ति के नाम पर जो पाकिस्तान घुसाया है ना बीच में कभी-कभी लगता है ना कि हमारी देशभक्ति पाकिस्तान के बिना अधूरी है.
पर लेकिन किंतु परंतु लोग देखते हैं ऐसे टॉपिक को इसलिए फिल्मों में यह सब डालने से मेकर्स कतराते भी नहीं और फिल्म बिजनेस भी कर जाती है अभी लास्ट वीक रिलीज हुई शैतान ने सिर्फ इंडिया में ही एक हफ्ते में 60 करोड़ प्लस का बिजनेस कर लिया भाई साहब तो क्या योद्धा भी एक हफ्ते में एटलीस्ट 50 करोड़ का बिजनेस कर पाएगी.
फिल्म की खासियत है कि यह अपने टॉपिक से भटकती नहीं है एकदम आपको सीट से ग्रिप करके रखेंगी स्टार्टिंग से ही अपने टॉपिक पर बनी रहती है एंड फर्स्ट हाफ इतना ज्यादा फास्ट पेस है कि आप खुद को रोक नहीं पाओगे सेकंड हाफ देखने के लिए इंटरवल के टाइम में जो ट्विस्ट एंड टर्न्स आते हैं वो दिमाग हिलाने वाले थे इवन दिशा पाटनी को को लेकर भी एक ट्विस्ट है जो रिवील नहीं करूंगा.
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डोंट वरी एंड पहली बार मां कसम मेरे को दिशा का काम अच्छा लगा क्योंकि सबसे पहले तो उसका रोल बस एक एक्सटेंडेड कैमियो था ज्यादा नहीं है तो उसको लेकर जो ट्विस्ट है वो भी आपको अच्छा लगेगा पर जैसे-जैसे स्टोरी एंड की तरफ जाती है ना पता नहीं क्यों मुझे मूवी फोर्स्ड लगने लगी के व्हाई पाकिस्तान वहीं पर जाकर ही क्यों करना है सब कुछ आपको टाइगर 3 में भी वही था टाइगर 3 तो ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान की मूवी है पाकिस्तान में जाकर देशभक्ति के गीत गाए जा रहे हैं और यहां भी सेम है तो यह एक बहुत बड़ा माइनस पॉइंट है.
मेरे लिए इस फिल्म को लेकर भाई बड़ा कॉमन सा हो गया यह टेररिस्ट को दिखाना पाकिस्तान में घुसना कब तक चलेगा देशभक्ति के आड़ में यह सब एनीवेज मूवी फास्ट पेस्ट है एंगेज करके रखती है गाने भी अच्छे हैं गानों के साथ कहानी चलती रहती है तो उससे कोई प्रॉब्लम नहीं है एक्टिंग वाइज सभी ने अच्छा ही काम किया है स्पेशली सिद्धार्थ के इस वाले एक्टिंग को देखकर आपको जरूर अ शेरशाह की याद आएगी इवन फिल्म के लास्ट मोमेंट में भी आपको शेर की याद आएगी बाकी एक्शन ड्रामा सस्पेंस एंड ट्विस्ट अच्छे हैं कुछ एक ट्विस्ट आप प्रिडिक्ट कर लोगे.
Rating:-3/5
